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गोरखपुर,बच्चों के दिल की सर्जरी करवा नया जीवन दे रही आरबीएसके टीम.

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             चित्र परिचय-राधिका

गोरखपुर,बच्चों के दिल की सर्जरी करवा नया जीवन दे रही आरबीएसके टीम


जिले में 11 बच्चों की बाहर ले जाकर कराई जा चुकी है दिल के छेद की सर्जरी


सबसे ज्यादा चार बच्चों को सर्जरी की सुविधा दिलवा चुकी है सरदारनगर पीएचसी की टीम


गोरखपुर, 26 अगस्त 2022


जन्मजात दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) योजना वरदान साबित हो रही है । योजना के तहत स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्य कर रही टीम ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनके दिल के छेद की सर्जरी करवा रही है । जिले में 11 बच्चों को अलीगढ़, लखनऊ और नोएडा ले जाकर यह सुविधा दिलाई जा चुकी है । जिले में सबसे ज्यादा चार बच्चों को सरदारनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की टीम ने यह सुविधा दिलाई है ।


सरदारनगर ब्लॉक के चौरी गांव के रहने वाले और पेशे से वाहन चालक विजय बताते हैं कि उनकी 11 वर्षीय बच्ची राधिका को बचपन से ही बुखार और खांसी की दिक्कत थी। जब वह दौड़ती थी तो सांस फूलने लगता था। बच्ची का कई जगह इलाज करवाया लेकिन वह ठीक नहीं हुई । उनकी बेटी कक्षा पांचवीं में पढ़ती है। प्राथमिक विद्यालय पर आरबीएसके टीम के चिकित्सक डॉ अरूण कुमार त्रिपाठी, डॉ हर्ष पांडेय और उनके सहयोग अमित बरनवाल की टीम आई थी । टीम ने विजय की पत्नी को स्कूल में बुलाया और बताया कि उनके बच्ची के दिल में छेद है और इसका निःशुल्क इलाज आरबीएसके योजना के तहत हो जाएगा । आरबीएसके टीम के डॉ अरूण त्रिपाठी बताते हैं कि राधिका को पहले सरदारनगर पीएचसी बुला कर जांच की गयी और फिर डीईआईसी मैनेजर डॉ अर्चना के स्तर से कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया । इस कार्य में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा हरिओम पांडेय ने विशेष सहयोग और मार्गदर्शन किया। मेडिकल कॉलेज में बच्ची को इसी साल पांच मई को भर्ती किया गया और सात मई को सर्जरी हुई। राधिका अब पूरी तरह से स्वस्थ है।


राधिका के पिता विजय बताते हैं कि उनकी आय इतनी नहीं थी कि किसी निजी अस्पताल में इलाज करवा सकें और लाखों रुपये खर्च कर सकें । अधिक पैसे लगने के डर से वह बच्ची को सही इलाज नहीं दिलवा पा रहे थे। आरबीएसके योजना से उनके इलाज में मदद मिली । सिर्फ अलीगढ़ जाने का खर्चा लगा और इलाज व दवा सब निःशुल्क मिला । अब बच्ची को फॉलो अप के लिए ले जाना पड़ता है। बच्ची की दिक्कतें भी दूर हो गयी हैं ।


आरबीएसके की डीईआईसी मैनेजर डॉ अर्चना ने बताया कि सरदारनगर की आरबीएसके टीम के डॉ अरूण, डॉ शाहनवाज, डॉ हर्ष, अरूण यादव, संगीता और अमित बरनवाल दिल के छेद के बच्चों को ढूढने में काफी सक्रियता से कार्य कर रहे हैं । अकेले इस ब्लॉक से चार सर्जरी हो चुकी है और तीन सर्जरी प्रक्रिया में है। जिले में 15 और बच्चों को दिल के छेद की सर्जरी के लिए चुना गया है और जल्द ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा नंद कुमार के दिशा निर्देशन में  प्रक्रिया पूरी कर उनका भी इलाज होगा। 


*44 प्रकार की बीमारियों का निःशुल्क इलाज*


जिले की 38 आरबीएसके टीम आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और प्रसव केंद्र से बीमार बच्चों को चिन्हित करती है और उनकी 44 प्रकार की बीमारियों की निःशुल्क जांच व इलाज करवाती है। इन बीमारियों में कटे होठ व तालु, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, क्लब फुट सर्जरी, अति गंभीर कुपोषण, दिल के छेद की सर्जरी जैसी बीमारियां प्रमुख हैं । बीमार बच्चों के अभिभावक आरबीएसके टीम से संपर्क कर उनके जीवन की दिशा बदल सकते हैं।


डॉ आशुतोष कुमार दूबे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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