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सीतापुर,बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाएं, कई प्रकार की बीमारियों से बचाएं.

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सीतापुर,बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाएं, कई प्रकार की बीमारियों से बचाएं

जिला महिला अस्पताल से बाल स्वास्थ्य पोषण माह का शुभारंभ


अपर निदेशक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बच्चों को पिलाई दवा

जिले में करीब 5.14 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन ए की दवा


गोरखपुर , 3 अगस्त 2022 

नौ माह से पांच साल तक के बच्चों के अभिभावक खुद आगे आकर बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाएं। इससे कई प्रकार की बीमारियों से बचाव होता है । इस संदेश के साथ जिला महिला अस्पताल से बाल स्वास्थ्य पोषण माह का बुधवार से शुभारंभ हो गया । अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ इंद्रविजय विश्वकर्मा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बच्चों को दवा पिला कर अभियान का शुभारंभ किया । जिले में अभियान के दौरान करीब 5.14 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है।


मुख्य  चिकित्सा अधिकारी ने इस मौके पर अपील की कि स्वास्थ्य  कार्यकर्ता प्रत्येक पात्र बच्चे को विटामिन ए की खुराक से आच्छादित करें। कोई भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए। बच्चों  के सम्पूर्ण पोषण में विटामिन ए का बहुत ही महत्व है। बच्चों को बिटामिन ए की खुराक देने के लिए डिस्पोजेबल चम्मच का ही प्रयोग किया जाना है।


सीएमओ ने बताया कि सीएनएनएस ( 2016 −18) की रिपोर्ट के अनुसार एक  से चार वर्ष के 16.9 प्रतिशत बच्चे विटामिन ए की कमी से ग्रसित हैं, इसलिए हर बच्चे को विटामिन ए की कुल नौ खुराक दिए जाने का प्रावधान है। यह खुराक छाया ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (छाया वीएचएसएनडी) सत्र के दौरान प्रत्येक बुधवार और शनिवार को दी जाएगी। कोविड को देखते हुए विटामिन ए की खुराक देने में इस बात का ध्यान देना होगा कि सत्र पर एक समय में 10 से अधिक बच्चे एकत्र न हों। किसी को भी बुखार या खांसी तथा सांस लेने में तकलीफ हो तो वह सत्र पर न आए। 


अभियान के दौरान झरना टोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में चले सत्र में वहां की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ शालिनी ने बताया कि  कि विटामिन ए से बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है, रतौंधी रोग और कुपोषण से भी बचाव होता है। मानसिक दिव्यांगता में कमी आती है। एक साल में दो बार विटामिन ए की खुराक लेने से सभी कारणों से होने वाली मृत्यु् में 23 प्रतिशत कमी, खसरे के कारण होने वाली मृत्यु में 50 प्रतिशत कमी तथा अतिसार रोग के कारण होने वाली मृत्यु  में 33 प्रतिशत की कमी आती है।



महिला अस्पताल में हुए आयोजन में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ एनके श्रीवास्तव, एसीएमओ आरसीएच डॉ नंद कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ एके चौधरी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी केएन बरनवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद, क्वालिटी मैनेजर डॉ कमलेश, यूनिसेफ संस्था से डॉ हसन फहीम, एआरओ एसएन शुक्ला, हेल्प डेस्क मैनेजर अमरनाथ जायसवाल, एलटी बीबी सिंह, एएनएम सोनबाला और शोभा तौर पर मौजूद रहीं।


*सत्र पर ले जाकर पिलवाएंगी दवा*


महानगर के सिधारीपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शमा परवीन ने बताया कि छाया वीएचएसएनडी सत्र स्थल पर बच्चों को ले जाकर दवा पिलाने का दिशा-निर्देश मिला है। यह दवा नियमित टीकाकरण के दौरान भी दी जाती है। जो बच्चे छूट जाते हैं उन्हें दवा की डोज अवश्य मिल जाए अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है। खोराबार ब्लॉक के जंगली सिकरी गांव के बिंद टोला की आशा कार्यकर्ता सुनीता निषाद ने बताया कि विटामिन ए की दवा सुरक्षित होती है और अभिभावकों को यही बात समझा कर बच्चों को सत्र स्थल तक लाया जाता है और दवा का सेवन करवाते हैं।

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