Breaking News

ब्रेकिंग न्यूज़

हरदोई,अशासकीय सहायता प्राप्त इण्टर कालेज बने अवैध वसूली के केन्द्र.

post

हरदोई,अशासकीय सहायता प्राप्त इण्टर कालेज बने अवैध वसूली के केन्द्र


हरदोई।शाहाबाद तहसील मुख्यालय पर संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में अनाधिकृत तरीके से फीस वसूली जा रही है। विभिन्न मदों में फीस वसूल कर उसकी विद्यार्थियों को रसीद भी नहीं दी जा रही है। हद तो यह है कि छठी, सातवीं व आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों तक से फीस ली जा रही है, जबकि शासनादेश में स्पष्ट है कि उच्च प्राथमिक कक्षाओं यानि कक्षा 06 से कक्षा 08 तक में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाएगी।परंतु नेहरू म्युनिसिपल कन्या इण्टर कालेज शाहाबाद,आदर्श राष्ट्रीय इण्टर कालेज शाहाबाद,राष्ट्रपिता म्युनिसिपल इण्टर कालेज शाहाबाद,बसंत लाल इण्टर कालेज शाहाबाद एवं जवाहर लाल नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहाबाद में जूनियर कक्षाओं के छात्र छात्राओं से कार्यवाहक प्रधानाचार्यों द्वारा अवैधानिक रूप से उगाही की जा रही है।अशासकीय सहायता प्राप्त इण्टर कॉलेजों में अवैध वसूली का यह सारा खेल शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे खेला जा रहा है।कालेजों के प्रधानाचार्यों द्वारा विद्यार्थियों से विभिन्न गतिविधियों के नाम पर मनमानी फीस वसूली जा रही है।  शाहाबाद तहसील मुख्यालय पर संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त इण्टर कालेजों में विद्यार्थियों से फीस के नाम पर हजारों रुपये लिए जा रहे हैं। फीस के नाम पर कक्षा 09 से कक्षा 12 में निर्धारित फीस से अधिक फीस वसूली जा रही है।यही कारण है कि छात्रों को रसीद भी नहीं दी जा रही है। वहीं कक्षा छह, सात व आठ की छात्राओं ने बताया कि उनसे 45 रुपये से 50 रुपए छमाही फीस के नाम पर लिए गए हैं। इसके अलावा जब भी किसी तरह की गतिविधियों का आयोजन होता है तो उसके अलग से पैसे लिए जाते हैं।फिर भी विद्यालयों की खस्ताहाल स्थिति है।खास बात यह है कि विभिन्न जरूरतों के लिए फीस वसूली की बात कही जा रही है, लेकिन विद्यालयों की स्थिति खस्ताहाल है।छात्र छात्राओं अभिभावकों की मांग है कि शासन द्वारा निर्धारित फीस ली जाए,और उसकी रसीद भी दी जानी चाहिए।तथा कालेज के मेन गेट पर शुल्क का विवरण कक्षावार अंकित किया जाए। जिस मद में फीस ली जा रही है उसका उपयोग भी विद्यालय में दिखना चाहिए। कई छात्रों ने बताया कि उनसे बजीफा दिलवाने के नाम पर 150 रु. प्रति छात्रा वसूला जा रहा है।

अभिभावकों का कहना कि अवैध उगाही के लिए अशासकीय सहायता प्राप्त इण्टर कालेजों में कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की नियुक्ति के बाबजूद सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य बिचौलिए के रूप में छात्रों एवं शिक्षक शिक्षिकाओं से मनमाने तरीके से अवैध उगाही करते देखे जा सकते हैं।फलस्वरूप कालेजों में अवैधानिक रूप से लगे सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य यानि बिचौलिए हो रहे हैं मालामाल,छात्र छात्राएं एवं शिक्षक शिक्षिकाएं हुईं बेहाल।

बोर्ड परीक्षार्थियों से निर्धारित बोर्ड शुल्क के विपरीत दो सौ रुपए अतिरिक्त वसूली बिचौलियों द्वारा कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की सांठ गांठ से की जा रही है।नगर के एक मशहूर घोटालेबाज सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य छात्रों,अभिभावकों एवं शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए सिरदर्द बन गए हैं।लोग दिन रात उसे कोस रहे हैं।

Latest Comments

Leave a Comment

Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner