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गोरखपुर,महिला नसबंदी के क्षेत्र में मिसाल पेश की एएनएम श्वेता ने चरगांवा ब्लॉक में सर्वाधिक नसबंदी करवा कर ब्लॉक को बनाया नंबर वन .

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गोरखपुर,महिला नसबंदी के क्षेत्र में मिसाल पेश की एएनएम श्वेता ने चरगांवा ब्लॉक में सर्वाधिक नसबंदी करवा कर ब्लॉक को बनाया नंबर वन 


*गोरखपुर, 10 जुलाई 2022*


वित्तीय वर्ष 2021-22 में परिवार नियोजन सेवाओं में चरगांवा ब्लॉक पहले पायदान पर रहा है और इस उपलब्धि में श्वेता सिंह जैसी एएनएम ने सर्वाधिक महिला नसबंदी करवाकर विशेष योगदान दिया । वह महिलाओं के मन में बैठी भ्रांतियों को दूर कर नसबंदी के लिए तैयार कर लेती हैं । श्वेता ने बीते वित्तीय वर्ष में ब्लॉक में सर्वाधिक 40 से अधिक महिलाओं को नसबंदी की सेवा दिलवाई है । इसके अलावा इसी वर्ष में 35 महिलाओं को आईयूसीडी, 48 महिलाओं को त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन, 67 साप्ताहिक गोली छाया, 385 माला एन और 382 कंडोम की सेवा भी दिलवाया।


तारामंडल में रह रहीं श्वेता (38) ने वर्ष 2016 में जंगल धूषण न्यू पीएचसी पर बतौर एएनएम ज्वाइन किया था । उस समय उनका बच्चा काफी छोटा था और पति भी  व्यापार से जुड़े  थे। नयी नौकरी और नये क्षेत्र में कार्य करना  बड़ी चुनौती थी । वह बताती हैं कि कई बार क्षेत्र में बच्चे को लेकर जाती थीं, वैसे आमतौर पर  उनके परिवार के लोग ही बच्चे को  देखते थे । उन्होंने सबसे पहले क्षेत्र का ज्यादा से ज्यादा भ्रमण  किया और अधिकाधिक महिलाओं से बात की। ग्राम पंचायत की महिला सदस्यों की भी लोगों को प्रेरित करने में मदद ली। 


श्वेता के क्षेत्र में कुल आठ टोले हैं और 12 आशा कार्यकर्ता व एक आशा संगिनी उनका सहयोग करती हैं। सभी के सहयोग से ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र भ्रमण करने और प्रभावशाली लोगों की मदद लेने से राह आसान हो गयी ।  श्वेता ने वर्ष 2019-20 में 50 से अधिक महिलाओं को  नसबंदी की सेवा प्रदान कराई  जिसके लिए उन्हें मंडलीय सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया गया । वर्ष 2020-21 में कोविड के दौरान 35 से अधिक महिला नसबंदी करवाने में भी उन्होंने कामयाबी हासिल की । वह बताती हैं कि पहले वह महिला को सलाह देती हैं कि पति की नसबंदी करवा लें क्योंकि इसमें सिर्फ सामान्य टांका लगता है और यह आसान, सरल एवं सुरक्षित है । महिलाएं इस भय व भ्रांति के कारण पति की नसबंदी के लिए तैयार नहीं होती हैं कि इससे उनके पति कमजोर हो जाएंगे । 


श्वेता बताती हैं कि जटिल मामलों में वह लाभार्थी के पूरे परिवार को समझाती हैं कि परिवार नियोजन का महिला के स्वास्थ्य एवं जीवन में अहम भूमिका है। यह मातृ मृत्यु रोकने और उन्हें सुपोषित रखने में सहायक है। 

महिलाओं को समझाया जाता है कि नसबंदी के 24 घंटे के भीतर वह भी सामान्य जीवन जी सकेंगी और उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी । 


हैदरगंज की रहने वाली सुनीता (32) कहती हैं कि उनके मन में नसबंदी के प्रति भ्रांति थी कि कहीं कोई शारीरिक दिक्कत न हो जाए। एएनएम श्वेता ने उनके मन के भय को दूर किया। छह महीने पहले उन्होंने नसबंदी करवाई और अब खुशहाल जीवन जी रही हैं । उन्हें 1400 रुपये भी खाते में मिले हैं । सुनीता का कहना है उन्हें नसबंदी से किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई । वह एक हफ्ते के भीतर पूरी तरह से सामान्य हो गईं थीं।


चरगांवा ब्लॉक के बीपीएम गगन चतुर्वेदी बताते हैं कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ धनंजय कुशवाहा और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार की देखरेख में बीपीएमयू व जिले के समस्त अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं की मदद से चरगांवा ब्लॉक परिवार नियोजन कार्यक्रम में नंबर वन रहा है। इसमें श्वेता जैसी एएनएम की अहम भूमिका है।


अग्रिम पंक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण

परिवार नियोजन समेत सभी सेवाओं में अंग्रिम पंक्ति जैसे आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम की अहम भूमिका होती है। छोटा परिवार खुशहाली का आधार है। पात्र दम्पति को आशा और एएनएम की सलाह मानकर बॉस्केट ऑफ च्वाइस में से परिवार नियोजन के साधन का चुनाव करना चाहिए।


डॉ आशुतोष कुमार दूबे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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