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इटावा,नवजात शिशु के लिए वरदान है कंगारु मदर केयर डॉ गुप्ता.

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इटावा,नवजात शिशु के लिए वरदान है कंगारु मदर केयर डॉ गुप्ता


 पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक केएमसी वार्ड में 824 बच्चे हुए स्वस्थ


इटावा  25अप्रैल  2022।


कंगारू मदर केयर (केएमसी) कई मामलों में बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ है। इससे जहां आवश्यक वजन बढ़ाया जा सकता है वहीं इस प्राकृतिक विधि का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। यह कहना है जिला महिला अस्पताल मुख्य चिकित्सा अधीक्षका डॉ कजली गुप्ता का। 

 

उन्होंने बताया की केएमसी के जरिए कम वजन वाले शिशु का तापमान सामान्य रहता है। इससे स्तनपान में वृद्धि होती है। यह शिशु का वजन बढ़ाने के लिए बहुत ही कारगर विधि है। इससे बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है वहीं मां और शिशु के बीच मानसिक संबंध प्रगाढ़ होता है। यह शिशु की वृद्धि में सहायक सिद्ध होता है। 

केएमसी क्या है ?

स्वयं और आसपास के वातावरण की स्वच्छता रखते हुए सम्मान पूर्वक मां की खुली छाती से बच्चे की खुली छाती को त्वचा से त्वचा संपर्क की स्थिति में लंबे समय तक रखना, साथ ही समय-समय पर पूर्ण आहार के रूप में सिर्फ मां का दूध सही मात्रा में देना और समय-समय पर शिशु और मां के स्वास्थ्य का आकलन करना संपूर्ण केएमसी कहलाता है।

कंगारू देखभाल कर वैष्णवी को मिला नया जीवन

जसवंतनगर की सपना ने 19 मार्च को वैष्णवी को जन्म दिया उस समय वैष्णवी का वजन 1.5 किलोग्राम था जिस वजह से उसे केएमसी वार्ड में भेजा गया । सपना बताती है बच्ची जन्म से ही कमजोर थी | जब मैं केएमसी वार्ड में आई मुझे वहां पर सर्वप्रथम व्यक्तिगत साफ-सफाई के साथ शिशु की साफ सफाई के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। वार्ड में मुझको बच्चे को कंगारू देखभाल विधि के बारे में भी विस्तार पूर्वक समझाया गया। वार्ड में उपस्थित स्टाफ नर्स के द्वारा मुझे बताया गया बच्ची को अपने सीने पर कंगारू की तरह चिपका कर रखना है, जिससे मां के शरीर की गर्मी उसे मिले और मैंने वैसा ही किया धीरे-धीरे  बच्ची को आराम मिलने लगा। सपना ने बताया बच्ची धीरे-धीरे स्तनपान भी सही से करने लगी और भरपूर नींद लेने लगी।

सपना ने बताया कि 19 मार्च को बच्ची का जन्म हुआ था उसके बाद से ही केएमसी वार्ड में मुझे रखा गया जहां मुझे हर प्रकार की निशुल्क सुविधा  मिली और मैं अपनी बच्ची की सही तरीके से देखभाल कर पाई जिससे बच्ची को नया जीवन मिला। लगभग 10 दिन तक मैं और मेरी बच्ची केएमसी वार्ड में रहे धीरे-धीरे बच्ची के वजन में सुधार हुआ और वह स्वस्थ हुई। वर्तमान में बच्ची का वजन 2.5 किलोग्राम से ऊपर है और वह पूर्णता स्वस्थ है।

केएमसी इंचार्ज अजीत तिवारी ने बताया कि हर महीने 50-55 बच्चों को केएमसी वार्ड में स्वस्थ किया जाता है। इसमें जिला अस्पताल में प्रसव हुए बच्चों के अलावा निजी चिकित्सालयों से आए हुए भी बच्चे होते हैं और उनकी उचित देखरेख की जाती है। एक अप्रैल 2021 से अब तक 824 बच्चों को केएमसी वार्ड में रखकर स्वस्थ किया गया।

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