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गोरखपुर,12 विभागों के समन्वित प्रयासों से होगा संचारी रोगों पर वार.

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गोरखपुर,12 विभागों के समन्वित प्रयासों से होगा संचारी रोगों पर वार


दो अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रस्तावित विशेष संचारी रोग अभियान का चरगांवा से होगा शुभारंभ


15 अप्रैल से जिले में चलेगा दस्तक पखवाड़ा


दोनों अभियानों के लिए 8168 स्वास्थ्यकर्मी, सरकारी कर्मचारी, अंग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता प्रशिक्षित


गोरखपुर, 01 अप्रैल 2022


जिले में 12 विभागों के समन्वित प्रयासों से संचारी रोगों पर वार किया जाएगा। इसके लिए दो अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष संचारी रोग अभियान चलेगा जिसका शुभारंभ चरगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से होगा । यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने प्रेरणा श्री सभागार में शुक्रवार को हुई पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल से प्रस्तावित दस्तक पखवाड़े का शुभारंभ भी इसी दिन होगा । दोनों अभियान के सफल संचालन के लिए 8168 स्वास्थ्यकर्मी, सरकारी कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अंग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता प्रशिक्षित किये जा चुके हैं ।


डॉ. दूबे ने बताया कि अप्रैल के बाद से ही मच्छरों का घनत्व बढ़ने लगता है और ऐसे में मानसून के ठीक बाद मच्छरजनित जापानीज इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है । स्क्रबटाइफस, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, कालाजार जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कोविड के प्रति भी अभी समुदाय को सतर्क रहना है । ऐसे में विशेष संचारी रोग अभियान के दौरान अलग-अलग विभाग जनजागरूकता के साथ-साथ अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन के माध्यम से संचारी रोगों की रोकथाम में योगदान देंगे । स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग की भूमिका निभाएगा ।


सीएमओ ने बताया कि आईसीडीएस, ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम या शहरी विकास विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, दिव्यांग कल्याण, स्वच्छ भारत मिशन, सूचना, संस्कृति और चिकित्सा शिक्षा विभाग को विशेष संचारी रोग अभियान के संबंध में उनके दायित्वों से अवगत कराया जा चुका है । जनपदीय प्रशिक्षण, टास्क फोर्स की बैठक, ब्लॉक स्तरीय बैठक, स्थानीय निकायों का संवेदीकरण, ग्राम प्रधानगण और नोडल अध्यापकों का संवेदीकरण हो चुका है । माइक्रोप्लान भी तैयार किया जा चुका है ।


अभियान के दौरान यह संदेश दिया जाएगा कि चूहा, मच्छर और छछूंदर को घर में न रहने दें। साथ ही यह भी संदेश देना है कि बुखार में देरी पड़ेगी भारी । मतलब अगर किसी को बुखार होता है तो वह नजदीकी सरकारी अस्पताल में निःशुल्क इलाज कराए। बिना चिकित्सक की सलाह के अपने मन से दवा नहीं लेनी है और किसी झोलाछाप के चक्कर में नहीं पड़ना है । इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉक्टर नंद कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके चौधरी, एसीएमओ डॉक्टर एके प्रसाद, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, सहायक जिला मलेरिया अधिकारी राजेश चौबे, उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुनीता पटेल, जेई-एईएस कंसल्टेंट सिद्धेश्वरी सिंह, अमरनाथ जायसवाल, यूनिसेफ के डीएमसी डॉक्टर हसन फहीम, नीलम यादव प्रमुख, आदिल तौर पर मौजूद रहे।


*शपथ में होगा मुख्य संदेश*


अभियानों का मुख्य संदेश शपथ में निहित होगा जो पहले दिन पूरे जिले में सभी संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को दिलाई जाएगी। शपथ इस प्रकार है- ‘‘हम अपने गांव, ब्लॉक, जनपद और देश को रोगमुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं । हम शपथ लेते हैं कि व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे, अपने घर के आसपास साफ-सफाई रखेंगे, अपने गांव और मोहल्ले के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे तथा समुदाय को साफ-सफाई और स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे । संचारी रोग हमारे गांव अथवा क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को आर्थिक नुकसान का एक बड़ा कारण हो सकते हैं । हम शपथ लेते हैं कि संचारी रोगों से लड़ाई में हम हर संभव प्रयास करेंगे कि हमारे परिवार और समुदाय इन रोगों से मुक्त रहें । हमारे गांव अथवा हमारे आसपास के क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित होगा तो उसके परिवार को तुरंत इलाज के लिए सरकारी अस्पताल जाने हेतु प्रेरित करेंगे ।’’


*इन प्रमुख गतिविधियों पर होगा जोर*


स्वास्थ्य विभाग हाईरिस्क एरिया में मच्छरों की सूचना देकर मच्छर नियंत्रण की गतिविधियां करवाएगा। बुखार, क्षय रोग और कोविड के लक्षणयुक्त व्यक्तियों की जांच की व्यवस्था करेगा।

आईसीडीएस जनजागरूकता के साथ-साथ कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार के लिए संदर्भन करेगा।

पंचायती राज विभाग साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, हैंडपंप मरम्मत, जनजागरूकता और निगरानी समितियों के माध्यम से कोविड के लक्षणयुक्त व्यक्तियों को दवा उपलब्ध करवाएगा।

शिक्षा विभाग स्कूलों में जनजागरूकता की गतिविधियां करेगा ।

कृषि विभाग छछूंदर और चूहे को नियंत्रित करने की गतिविधियां करेगा ।

पशुपालन विभाग सूकर बाड़ों को आबादी से दूर ले जाने की गतिविधियां करेगा और पशुपालकों को पशुपालन स्थलों पर स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगा ।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत उच्च रोगभार वाले ग्रामों को प्राथमिकता के आधार पर खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा ।

नगरीय निकाय विभाग वेक्टर नियंत्रण के अलावा मोहल्ला निगरानी समितियों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाएगा और कोविड के लक्षण युक्त व्यक्तियों को मेडिसिन किट देगा ।

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