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गोरखपुर,पडोसी देशों में अब भी पोलियो का वायरस,बच्चों को जरूर पिलायें पोलियो की खुराक .

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गोरखपुर,पडोसी देशों में अब भी पोलियो का वायरस,बच्चों को जरूर पिलायें पोलियो की खुराक 


गोरखपुर में सीएम करेंगे पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ

जिले के 6.83 लाख बच्चों को 20 से 28 मार्च तक पिलाई जाएगी दवा

*गोरखपुर, 17 मार्च 2022*


दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया है लेकिन देश में पोलियो के आयात का खतरा अब भी है । ऐसे में पोलियो से सुरक्षा का एक ही उपाय है कि शून्य से पांच साल के बच्चों को पोलियो का ड्रॉप अवश्य पिलाएं । इसके लिए  20 मार्च से अभियान शुरू हो रहा है जिसका शुभारंभ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे । वह जनजागरूकता रैली को हरी झंडी भी दिखाएंगे जो अभियान का प्रचार-प्रसार करेगी।  आगामी 28 मार्च तक प्रस्तावित इस अभियान के तहत जिले के  6.83 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे देशों में पोलियो के वायरस मौजूद हैं । इजरायल में वर्ष 1989 के बाद वर्ष 2022 में फिर से पोलियो के केस मिले हैं । ऐसे में पोलियो का वैश्विक खतरा पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है । यही वजह है कि भारत सरकार की तरफ से पल्स पोलियो का ड्रॉप निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है । पल्स पोलियो का ड्रॉप जन्म के समय ही दिया जाता है। इसके अलावा छह, दस और चौदह सप्ताह पर भी यह ड्रॉप पिलाया जाता है । इसकी बूस्टर खुराक सोलह से चौबीस महीने की आयु में भी दी जाती है ।


डॉ. दूबे ने बताया कि वर्ष 1998 के बाद पोलियो के मामलों में वैश्विक स्तर पर 99.9 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है, लेकिन जब तक विश्व के किसी भी देश में इसका वायरस बचा हुआ है, सभी देशों को सतर्क रहना होगा । पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो पांच साल से कम आयु के बच्चों को प्रभावित करता है। यह मल, मौखिम मार्ग, दूषित पानी, आहार आदि के माध्यम से फैलता है। यह आंत में पनपता है और वहां से तंत्रिका तंत्र में पहुंच कर पक्षाघात उत्पन्न करता है । पोलियो के प्रारंभिक लक्षणों में बुखार, थकान, सिरदर्द, उल्टी, गर्दन की अकड़न और अंगों में दर्द है। भारत सरकार के नेशनल हेल्थ पोर्टल पर 23 अक्टूबर 2018 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक दो सौ संक्रमणों में से एक संक्रमण अपरिवर्तनीय पक्षाघात (आमतौर पर पैरों में) में बदल जाता है। ऐसे पक्षाघात पीड़ित में से पांच से दस फीसदी की मौत हो जाती है ।


*अभियान पर एक नजर*


कुल लक्षित घर-8.80 लाख घर

कुल बूथ-2162

गृह भ्रमण टीम-1494

ट्रांजिट टीम-290

मोबाइल टीम-64

पर्यवेक्षक-518

विभिन्न कार्यक्रमों के लगेंगे स्टॉल


सीएमओ ने बताया कि 20 मार्च को जिला चिकित्सालय गोरखपुर में मुख्यमंत्री द्वारा सुबह 10 बजे  कार्यक्रम का शुभारंभ किया जायेगा  । इस मौके पर नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण, टीबी कार्यक्रम, वेक्टर बार्न कंट्रोल कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से संबंधित स्टॉल भी लगाए जाएंगे और कार्यक्रमों के प्रति जनजागरूकता फैलाई जाएगी ।

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