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इटावा,होली खेलने के लिए प्राकृतिक रंग व फूलों को दें प्राथमिकता- डॉ चंद्रा.

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इटावा,होली खेलने के लिए प्राकृतिक रंग व फूलों को दें प्राथमिकता- डॉ चंद्रा

कृत्रिम व रासायनिक रंग त्वचा के लिए नुकसानदेय 

इटावा 16मार्च 2022।

होली खुशियों का त्योहार है और इससे मनाने के लिए प्राकृतिक रंग व फूलों को प्राथमिकता देते हुए कृत्रिम व रासायनिक रंगों से दूरी बनाएं क्योंकि यह रंग त्वचा को नुकसान पहुंचाते हुए सांस व नेत्र रोग संबंधी समस्या उत्पन्न कर सकते हैं। यह कहना है डॉ भीमराव अंबेडकर जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ महेश चंद्रा का।

डॉ चंद्रा ने बताया कि सामान्य तौर पर कृतिम रंग शरीर की त्वचा को नुकसान पहुंचाते ही हैं साथ में फंगल इन्फेक्शन या त्वचा रोगियों के लिए होली पर कृत्रिम रंग का प्रयोग करने पर उन लोगों के लिए यह रंग खतरनाक हो सकते है। आजकल  लोग होली पर कृत्रिम व रसायनिक रंगों का प्रयोग करते हैं जिससे त्वचा रोग होने का खतरा तो बढ़ता ही है साथ में सांसों द्वारा यह रंग जब शरीर के अंदर पहुंचता है तो नुकसानदायक होता है व संक्रमण भी हो सकता है।। कभी-कभी होली खेलते समय रासायनिक रंग आंख में चला जाता है जिससे आंख को भी क्षति पहुंचती है।

होली खेलते समय करें बचाव

डॉ चंद्रा ने बताया होली खेलते समय केमिकल युक्त रंगों से बचाव का बेहतर तरीका है होली खेलने से पहले शरीर पर नारियल का तेल अवश्य लगाएं ऐसे कपड़े पहने जिससे शरीर का अधिकांश हिस्सा ढका रहे। आंखों के बचाव के लिए चश्मा पहने यदि शरीर व आंख में रंग लगने से किसी तरह की जलन या परेशानी हो तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।

होली के लिए प्राकृतिक रंगों और फूलों को दें प्राथमिकता

डॉ चंद्रा बताते हैं कि कृत्रिम रंग व रासायनिक रंगों से दूरी बनाते हुए अपनी होली को खास बनाने के लिए प्राकृतिक रंग और फूलों को विकल्प के रूप में प्रयोग कर त्वचा को संक्रमण से बचाया जा सकता है और होली का भरपूर आनंद लिया जा सकता है।हल्दी, चंदन, मेहंदी, हरसिंगार, टेसू के फूल का प्रयोग कर प्राकृतिक रंग तैयार कर होली के रंग बनाए जा सकते हैं जिससे त्वचा पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। हरसिंगार,गेंदा,डेहलिया, सेमल पुष्प,गुलाब, गुड़हल अन्य  फूलों का प्रयोग कर फूलों की होली मनाएं जिससे त्वचा के लिए किसी भी तरह की हानि नहीं पहुंचेगी और संक्रमण से भी बचा जा सकेगा।

कृत्रिम व रासायनिक रंगों से त्वचा पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव

रसायनों से युक्त रंग लगने पर त्वचा कट-फट सकती है।

रासायनिक रंगों के प्रयोग से चेहरे की त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने हो जाते हैं।

इन रंगों के प्रयोग से शरीर में खुजली और तेज जलन जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं।

शरीर पर इन रंगो के प्रभाव से त्वचा पर फफोले पढ़ सकते हैं।

आंखों में जलन और दर्द भी हो सकता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भगवान दास ने भी सभी से अपील की होली हर्षोल्लास का त्यौहार है सभी कोविड प्रोटोकोल का पालन करते हुए मनाएं।

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