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इटावा,अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाएं, कोरोना से सुरक्षा पायें .

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इटावा,अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाएं, कोरोना से सुरक्षा पायें 

आज से 12 से 14 वर्ष के बच्चों को भी लगेगी कोरोना वैक्सीन 

जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर - जिला प्रतिरक्षण अधिकारी


जिले में बच्चों को लगेगी कोर्बेवैक्स वैक्सीन की डोज

60 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को बूस्टर डोज 

इटावा 15 मार्च 2022 |

जनपद को कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में 12 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों का कोविड के टीके से प्रतिरक्षित करने की शुरुआत बुधवार जिला अस्पताल व सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह कहना है जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ श्रीनिवास का |

डीआईओ ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर पहले से ही टीकाकरण हो रहा है | इंटर कालेजों में शिविर लगाकर किशोर किशोरियों का भी टीकाकरण किया जा चुका है जो बच्चे छूट गए है उनका भी टीकाकरण हो रहा है | डॉ श्रीनिवास ने कहा कि कोरोना से सुरक्षित रहने का एकमात्र विकल्प वैक्सीन ही है जिसने कोरोना संक्रमण को काफी हद तक रोका है | वैक्सीन लगवाने वालों के लिए कोरोना का खतरा काफी कम हो जाता है। 

उन्होंने कहा कि जिले में 18 से 44 वर्ष आयु के 826240 लोगों ने पहली खुराक लगवाई है व 664013 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने दोनों खुराक ले ली हैं।15 से 17 वर्ष के 123977 किशोर किशोरियों के पहले डोज का टीकाकरण हुआ और दूसरी डोज के लिए 74348 किशोर किशोरियों के टीका लग चुका है| 

बीसीसीएम प्रवेश मिश्रा ने बताया जनपद में अब तक प्रथम डोज 1378157 लोगों के लगाई जा चुकी है द्वितीय डोज 1130581 लोगों के लगाई जा चुकी है।

डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि बताया कि 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को बूस्टर डोज भी दी जाएगी। उन्होंने आमजनमानस से अपील की जिस तरह से आपने अभी तक टीकाकरण में सहयोग दिया है इस अभियान को भी सफल बनाने में अपना सहयोग दें | साथ ही कहा कि 12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोर्बेवैक्स वैक्सीन की डोज दी जाएगी। 

2008 से 2010 के बीच जन्म हुआ तो लगेंगे टीके

जिले में 3 जनवरी, 2022 से पहली बार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू हुआ था। तब से 15 से 18 वर्ष के बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। इस कारण बड़े बच्चों के स्कूल खोलने में भी आसानी हुई। अब 12 वर्ष के बच्चों को भी टीका लगा ने से छोटे बच्चों को भी स्कूल भेजने में कोई हिचक नहीं रहेगी।

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