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इटावा,पोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषित बच्चों के लिए साबित हो रहा वरदान.

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इटावा,पोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषित बच्चों के लिए साबित हो रहा वरदान 

केंद्र में अब तक 934 बच्चों ने कुपोषण से जंग जीती

इटावा 24 नवंबर,  2021।जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को उचित देखभाल के साथ पोषण युक्त आहार देकर डॉक्टरों की टीम उनका इलाज करती है। जनपद के पोषण पुनर्वास केंद्र में लगभग 934 कुपोषित बच्चों को नया जीवन मिल चुका है, जनपद का पोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है यह कहना है एनआरसी प्रभारी डॉ. शादाब आलम का। 

डॉ. शादाब ने बताया 4 जनवरी 2015 में पोषण पुनर्वास केंद्र  खोला गया था जिसमें अब तक 934 बच्चों ने कुपोषण के खिलाफ जंग जीती है। डॉ आलम ने बताया एनआरसी में 0 से 5 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जाता है। 14 दिन बच्चों को एनआरसी में रखकर बच्चों का इलाज व स्पेशल डाइट तैयार की जाती है जिसमें सही मात्रा में  कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज तत्व युक्त भोजन आहार विशेषज्ञ द्वारा तैयार किया जाता है। यह आहार शुरुआती दौर में  2-2 घंटे बाद दिया जाता है। यह प्रक्रिया रात में भी चलती है। उन्होंने बताया दिन में तीन बार बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा भर्ती बच्चों की देखरेख की जाती है और इलाज नि:शुल्क होता है।

डॉ आलम ने बताया एनआरसी से बच्चे की छुट्टी होने के बाद बच्चे का 4 बार फॉलोअप किया जाता है। फॉलोअप के दौरान  बच्चे की मां को साफ सफाई, उचित पोषण के बारे में विस्तृत रूप से जानकारियां दी जाती है। उन्होंने बताया एनआरसी में दस बेड की व्यवस्था है, वर्तमान में एक बच्चा भर्ती है। मैं जनपद वासियों से अपील करता हूं सरकार द्वारा दी जाने वाली नि:शुल्क सुविधाओं का लाभ लें और अपने कुपोषित बच्चे को एनआरसी में भर्ती करवाएं साथ ही आंगनवाड़ी और आशा से भी अपील करता हूं कोई भी परेशानी तो वह मुझसे आकर स्वयं मिले जिससे उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।


पोषण पुनर्वास केंद्र पर दी जाने वाली सुविधाएं


* बच्चों के लिए नि:शुल्क खाने की व्यवस्था  (चिकित्सक की सलाह के अनुसार) 

* नि:शुल्क दवाएं की व्यवस्था * भर्ती के दौरान बच्चे की मां को ₹50 प्रतिदिन दैनिक भत्ता, मां के  नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था 

* बच्चे की मां को प्रत्येक  फॉलोअप पर एनआरसी आने के लिए ₹150 की प्रतिपूर्ति राशि 

* ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए आशा/आंगनवाड़ी को ₹100 प्रतिपूर्ति राशि 


गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के मानक 


6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों के मानक 

*बच्चों की लंबाई के अनुपात के वजन- (-3) एसडी से कम हो।

* बच्चों की मिडल अप्पर आर्म का माप -11.5 सेंटीमीटर से कम हो।(एक विशेष प्रकार के फीते के द्वारा हाथ के ऊपरी हिस्से की माप ली जाती है)

* बच्चों के दोनों पैर में पिटिंग एडिमा होने पर।

6 माह से कम उम्र के बच्चों को भर्ती कराने के मानक

* बच्चे की लंबाई के अनुपात में वजन-(-3) एसडी से कम (45 सेंटीमीटर से अधिक के लिए)

* बच्चे के दोनों पैरों में पिटिंग एडिमा होने पर।


(विभिन्न विशेष प्रकार की मानकों द्वारा बच्चों को अति कुपोषित श्रेणी में चिन्हित किया जाता है।)

एनआरसी से बच्चों के छुट्टी के मानक

* बच्चे के वजन में 15% की वृद्धि होने पर।

* शरीर पर सूजन ना होना।

* बच्चों के अन्य बीमारियों के लक्षण के उपचार हो जाने पर।

* 5 ग्राम प्रति किलोग्राम प्रति दिन की वृद्धि लगातार तीन दिन होने पर।

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