Breaking News

ब्रेकिंग न्यूज़

बीकेटी,योगी की गौशालाओं में चारे का आभाव .

post

बीकेटी,योगी की गौशालाओं में चारे का आभाव 


बीकेटी लखनऊ , सरकार किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए पशु आश्रय केंद्र बनाए पर इन पशु आश्रय केंद्रों से किसानों का कोई भला नहीं होने वाला है। किसान आज भी रात दिन जाग कर फसल की देखभाल करते हैं और यह केंद्र नाकारा साबित हो रहे हैं। इन पशुओं को भरपेट चारा नसीब नहीं होता है हरे चारे की तो बात दूर की है मवेशियों को भर पेट चारा मिलना भी दूभर है।वही बीमार पशुओ को समुचित इलाज के साथ साथ अन्य अव्यवस्थाओं के बीच पशु घुट घुट कर जी रहे हैं इनका कोई पुरसाहाल नहीं है।

   पशु आश्रय केंद्र किशनपुर में 100 मवेशी हैं उनको खाने के लिए मात्र बिना कटा सूखा दिया जाता है। भूसा रखने के लिए कोई कमरा तक नहीं है। चरही का अभाव जाड़े में पशुओं के लिए पर्याप्त टीन सेट तक कि वेवस्था नहीं है। पशु आश्रय केंद्र के परिसर में चारों ओर गंदगी बिखरी हुई है।

   यह केंद्र एक बानगी मात्र हैं। इसी क्रम मे असनहा, महिंगवा मुसपिपरी मंडौली, चक पृथ्वीपुर व अन्य दर्जनों पशु आश्रय केंद्रों की दशा नहीं बदल सकी है। आज भी मवेशी भोजन हेतु तिनके तिनके के लिए मोहताज हैं इन मवेशियों के साथ निर्मम बर्ताव किया जाता है।

    जब इस संबंध में  खंड विकास अधिकारी पूजा सिंह बीकेटी तथा उप-जिलाअधकारी बीकेटी व अन्य आला अफसर रटा रटाया उत्तर देते हैं कि इस संबंध में कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बस इसके अलावा कोई कार्यवाही नहीं की जाती है जबकि सरकार  प्रति दिन प्रति जानवर के हिसाब से पर्याप्त धनराशि देती है जिसमें इनका पेट भरा जा सकता है। इन अधिकारियों को पशुओं से क्या लेना देना।

Latest Comments

Leave a Comment

Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner