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हरदोई,पूर्व विधायक बब्बू ने किया श्री बाल रामलीला मेला का फीता काटकर उद्घाटन.

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हरदोई,पूर्व विधायक बब्बू ने किया श्री बाल रामलीला मेला का फीता काटकर उद्घाटन


शाहाबाद। श्री बाल रामलीला का पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने फीता काटकर उद्घाटन किया। श्री बाल रामलीला नाट्य कला मंदिर द्वारा मेला का शुभारम्भ सामूहिक आरती करके किया गया। पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने कहा कि हम सभी लोगों को रामलीला में निभाए जाने वाले किरदारों से सीख लेकर उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए तथा रामलीला के माध्यम से हमे बुराई पर अच्छाई की जीत का सबक मिलता है।

 कहा कि हम सभी लोगों को अपने आपसी मतभेद भुलाकर समाज में समन्वय बनाए रखने का संदेश देना चाहिएऔर रामलीला के इस मंचन को सही तरह से आगे बढाने का कार्य करना चाहिए।कहा कि धर्म इंसान को इंसान बनाता है। धर्म इंसान की जिन्दगी में बुराइयों को मिटाकर अच्छाइयां लाता है।

उन्होंने कहा धार्मिक कार्यक्रमों से परस्पर सौहार्द का वातावरण बनता है। यह स्थान हमारे लिए वह पवित्र स्थल है जहां हम हम बचपन से आते रहे हैं। इस जगह से हमें अपने बचपन से वहुत लगाव है। यही जो सामने स्कूल है, यहीं पर हम पढ़े हैं और इसी मैदान में खेले हैं। यहीं के माहौल में हम बड़े हुए हैं। जब हम 95 में चेयरमैन हुए तो हमने सबसे पहले यहाँ की रामलीला के लिए मैदान को ठीक किया। उसके बाद मंच बनवाने के साथ ही लाइटों इत्यादि की समुचित व्यवस्थाएं करवाई। मैंने इसमें किसी पर कोई एहसान नहीं किया बल्कि यह हमारी सोच थी और हमने अपनी सोच के बलबूते पर धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण करवाया है। इंसान की सोच अच्छी होनी चाहिए। बिना सोच के यह सब नहीं हो सकता। हमारा देश, हमारा शहर हमारा समाज सबकुछ आपसी भाईचारे की मिसाल है। हम इंसान हैं तो हमारे अन्दर इंसानियत होना जरूरी है। बिना इंसानियत के जिन्दगी में हम अवाम के लिए कहीं कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने कहा हम तहेदिल से राम को आदर्श मानते हैं। राम के कैरेक्टर से हम वहुत कुछ सीखते हैं। महापुरुषों के आदर्शों से हमारी सोच डब्लप होती है। महापुरुषों के आदर्शों से हम कितना कुछ सीख सकते हैं। इस पर कभी विचार नहीं करते। और न हम कभी सीखने की कोशिश करते हैं। महापुरूषों के करेक्टर को हम लोग पढ़ते नहीं और अगर पढ़ते हैं तो उस पर अमल नहीं करते। महापुरुषों के करेक्टर को पढ़ने और उनके करेक्टर पर अमल करने से हमारी जिन्दगी बदल जाती है। हमारे अन्दर से बुराइयां खत्म हो जाती हैं। 

शाहाबाद चौक के रामलीला मंच से उन्होंने राम के आदर्शों को खुले दिल से स्वीकार किया और कहा कि राम के आदर्शों से हमें बेहतरीन जिन्दगी की दिशा और दशा मिलती है। उनके आदर्शों से हमारी जीवन शैली में बड़ा बदलाव आता है। हमारी सोच डेवलप होती है। जिससे हम अपने घर परिवार से लेकर समाज तक उच्चकोटि का समन्वय स्थापित कर सकते हैं।

जनकल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ मुरारी लाल गुप्ता ने कहा कि मेला भारतीय संस्कृति में सामाजिक एकता अखंडता के प्रतीक हैं।

शिव सत्संग मण्डल के केन्द्रीय संयोजक अम्बरीष कुमार सक्सेना ने प्रेरणादाई गीत " चल रे चल,प्रभु की शरण चल रे" सुनाते हुए सभी से सत्य की राह पर चलने का आग्रह किया।

 मंच के माध्यम से राम लीला का मंचन किया गया । इस मौके पर मुरारी शंकर श्रीवास्तव,सरंक्षक, डॉक्टर मुरारी लाल गुप्ता,नलिन गुप्ता डब्लू, शिवशरण वर्मा,व राजेश वर्मा,धीरू अवस्थी,वासु वर्मा,सरेज गुप्ता,भगवान शरण वर्मा, दिनेश सैनी ,श्रीकांत दीक्षित,राधेश्याम दीक्षित,शुभम बाजपेई,राजेश गुप्ता,अमित गुप्ता, डॉ मनीष शर्मा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।

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