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शाहजहांपुर ,कलान पुलिस ने चर्चित लगभग सोलह लाख के घोटाले मे शामिल दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार,भेजा जेल.

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( पुलिस गिरफ्त में अभियुक्त केसरी नंदन एवं देवीलाल मौर्या )


शाहजहांपुर ,कलान पुलिस ने चर्चित लगभग सोलह लाख के घोटाले मे शामिल दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार,भेजा जेल

 ब्लाक प्रमुख रुचि वर्मा,ब्लाक प्रमुख पति राहुल वर्मा एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख पुत्र पंकज गुप्ता समेत 10 लोग विरुद्ध हुआ था मुकदमा दर्ज

उपनिदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल आर एस चौधरी ने की थी जांच

भारत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने की थी घोटाले की शिकायत

कलान-शाहजहांपुर 

कलान पुलिस ने कलान में हुए लगभग सोलह लाख के चर्चित घोटाले मे शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक ने अपना देवीलाल मौर्या जोकि ए०डी०पी०एम० के पद पर तैनात था तथा दूसरे अभियुक्त अपना नाम केसरी नंदन बताया। केसरी नंदन विकासखंड कलान में कंप्यूटर ऑपरेटर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के पद पर तैनात था। दोनों को कलान पुलिस ने चिकित्सीय परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया।जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।

 ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत रफियाबाद कलान में हुए लगभग 16 लाख के घोटाले की जांच के बाद वर्तमान ब्लाक प्रमुख रुचि वर्मा उनके पति राहुल वर्मा पूर्व ब्लाक प्रमुख पुत्र पंकज गुप्ता समेत 10 लोगों को घोटाले का दोषी पाए जाने पर सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। इस बड़े घोटाले की जांच उपनिदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल गोंडा आर एस चौधरी ने की थी। भारत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने इस बड़े घोटाले की  कर जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए पंचायत निदेशक समेत प्रदेश मुख्यालय पर की गई थी। इस पूरी जांच में जांच अधिकारी उप निदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल गोंडा आर एस चौधरी की आख्या में वर्तमान एडीओ पंचायत कलान प्रेम सागर यादव की लापरवाही भी सामने आई है।

बता दें कि ग्राम पंचायत रफियाबाद कलान जो अब नगर पंचायत बन चुकी है। कलान के ग्राम निधि के खाते से 15 लाख 77 हजार 963 रुपए की शासकीय धनराशि को  ई स्वराज पोर्टल से निकाल कर बंदरबांट कर लिया गया था। जिसकी शिकायत भारत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह द्वारा की गई थी। घोटाले की जांच जांच अधिकारी आर एस चौधरी उपनिदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल गोंडा द्वारा जांच करके अपनी जांच आख्या दिनांक 15 सितंबर को निदेशक पंचायती राज उत्तर प्रदेश लखनऊ को उपलब्ध कराई गई। जांच अधिकारी उप निदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल गोंडा द्वारा 10 पृष्ठों की जांच आख्या प्रस्तुत की गई।जांच अधिकारी द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट किया गया कि आहरित शासकीय धनराशि 15 लाख 77 हजार 963 का गबन ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर चेकर के रूप में वर्तमान ब्लाक प्रमुख कलान रुचि वर्मा का डी०एस०सी० प्रयोग करके तथा मेकर के रूप में अरुण कुमार निगम निलंबित ग्राम पंचायत अधिकारी के डोंगल से किया गया है।अरुण कुमार निगम एवं रुचि वर्मा की डी०एस०सी० के कैन्सिलेशन से रजिस्ट्रेशन का एप्रूवल विकासखंड कलान में पूर्व में तैनात सहाय विकास अधिकारी (पंचायत) धनराज पटेल की डी०एस०सी० से किया गया है। जांच में यह भी स्पष्ट पाया गया है कि उक्त धनराशि तिरुपति कंस्ट्रक्शन 498582 जिसके मालिक पंकज गुप्ता निवासी नगर पंचायत कलान, शाक्य बिल्डिंग मैटेरियल 408553 मालिक संजीव कुमार निवासी ग्राम परौर, राहुल वर्मा 91005, दिनांक 11 अगस्त एवं दिनांक 12 अगस्त मे शाक्य बिल्डिंग मैटेरियल मालिक संजीव गुड्डू 96674, तिरुपति कंस्ट्रक्शन 123825 मालिक पंकज गुप्ता एवं शंकर मशीनरी स्टोर 81248 मालिक पियूष गुप्ता निवासी नगर पंचायत कलान को स्थानांतरित की गई है। जांच अधिकारी द्वारा विस्तृत जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उक्त प्रकरण में ए०डी०पी०एम० देवीलाल मौर्या एवं विकास खंड कलान ने तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) केसरी नंदन की भूमिका की पुष्टि हुई है।उन्होंने अपनी जांच आख्या में यह भी लिखा है कि बातचीत के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैनात स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के लेखाकार दीपक कुमार राव,राहुल वर्मा एवं तिरुपति कंस्ट्रक्शन के मालिक पंकज गुप्ता तथा प्रेम सागर यादव वर्तमान सहायक विकास अधिकारी(पंचायत) कलान की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इस बात की आशंका समाचार पत्र कल के अंक में प्रकाशित भी कर चुका था। जांच में सभी फर्मों के खाते में धनराशि दुरभिसंधि करके गबन के उद्देश्य से अनियमित रूप से भेजे जाने की पुष्टि हुई है।जिसके लिए रुचि वर्मा वर्तमान ब्लाक प्रमुख,धनराज पटेल तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी(पंचायत) मेकर की डी०एस०सी० अप्रूवल के लिए, एवं अरुण कुमार निगम की डी०एस०सी० का प्रयोग किया गया है।जांच अधिकारी उपनिदेशक (पंचायत) देवीपाटन मंडल गोंडा आर एस चौधरी द्वारा जिला मुख्यालय पर भेजे गए पत्र में उपरोक्त सभी दोषियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करा कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।जिसके क्रम में वर्तमान ब्लाक प्रमुख रुचि वर्मा उनके पति राहुल वर्मा,अरुण कुमार निगम निलंबित ग्राम पंचायत अधिकारी, धनराज पटेल तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) देवीलाल मौर्या ए०डी०पी०एम०, केसरी नंदन कंप्यूटर ऑपरेटर स्वच्छ ग्रामीण मिशन (ग्रामीण),पंकज गुप्ता,संजीव कुमार,गुड्डू,पीयूष गुप्ता के विरुद्ध थाना कलान पर मुकदमा अपराध संख्या-514/21-धारा- 409,419,420,467,468,471 आईपीसी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7,13 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। जिसकी विवेचना क्षेत्राधिकारी जलालाबाद अरविंद कुमार को मिली थी।लेकिन अब इस घोटाले मे दर्ज मुकदमे की विवेचना कस्बा इंचार्ज कलान यादवेंद्र सिंह कर रहे हैं। चर्चा है कि जब शासकीय धन का बंदरबांट किया गया। तो भ्रष्टाचार  हुआ ही है। फिर ऐसी स्थिति में भ्रष्टाचार की धाराएं क्यों हटाई गई? जब भ्रष्टाचार की धाराएं हटाने के संबंध में क्षेत्राधिकारी जलालाबाद अरविंद कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुकदमा तहरीर के आधार पर शब्द व शब्द अंकित किया जाता है।तहरीर में भ्रष्टाचार शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। इसलिए भ्रष्टाचार की धाराएं नहीं बनती है। यह विवेचना का पार्ट है। यदि विवेचना के दौरान भ्रष्टाचार के साक्ष्य संकलित होते हैं। तो भ्रष्टाचार की धाराओं का समावेश केस डायरी में किया जाएगा।

फिलहाल बुधवार को शासन स्तर से जिला मुख्यालय पर फरमान आने के बाद शुक्रवार को कलान पुलिस ने दो अभियुक्तों ए०डी०पी०एम० देवीलाल मौर्या एवं कलान के कंप्यूटर ऑपरेटर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) केसरी नंदन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


*एडीओ पंचायत पर क्यों नहीं की गई कार्रवाई*

कलान-शाहजहांपुर

 जब इतने बड़े घोटाले की जांच उपनिदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल गोंडा आर एस चौधरी द्वारा की गई। तो उनकी जांच आख्या में भी वर्तमान सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रेम सागर यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है ।इन्होंने दुरभिसंधि कर शासकीय धन का गबन करने वालों का बैक साइड से सहयोग किया है । तो उच्चाधिकारियों ने वर्तमान एडीओ पंचायत कलान प्रेम सागर यादव के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की। जिसकी क्षेत्र में व्यापक चर्चा बनी हुई है।


बॉक्स- 

योगी जी कब होगी घोटाले के अन्य दोषियों की गिरफ्तारी


कुछ प्रभावशाली घोटाले बाजों की प्रदेश सरकार के एक कद्दावर मंत्री की शरण में जाने की चर्चा


योगी सरकार का दावा भ्रष्टाचार पर है जीरो टारलेंस की नीति

 कलान-शाहजहांपुर 

योगी जी आखिर घोटाले में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी कब होगी ? कस्बे में इस बात की भी व्यापक चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली घोटालेबाज प्रदेश सरकार के एक कद्दावर मंत्री की शरण में है।जबकि योगी सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।अब ऐसे में सवाल यह है कि उपनिदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल गोंडा आर एस चौधरी की जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों एवं अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी कब होगी और जांच में दोषी अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों पर क्या विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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