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शाहजहांपुर ,कलान का 16 लाख घोटाला प्रकरण जब जांच प्रारंभ,तो विकास कार्य आरंभ .

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शाहजहांपुर ,कलान का 16 लाख घोटाला प्रकरण जब जांच प्रारंभ,तो विकास कार्य आरंभ 


उपनिदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल कर रहे हैं घोटाले की जांच


अपर जिलाधिकारी प्रशासन के आदेश पर कलान पुलिस ने रुकवाया कार्य


घोटालेबाज युद्ध स्तर पर करवा रहे विकास कार्य


पुलिस को देखते ही मौके से भागे मिस्त्री व मजदूर


कलान-शाहजहांपुर

कलान में हुए लगभग सोलह लाख के चर्चित घोटाले की जांच उपनिदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल कर रहे हैं।जैसे ही जांच शुरू हुई। वैसे ही घोटाले बाजों ने युद्ध स्तर पर विकास कार्य कराना प्रारंभ कर दिया था।क्योंकि घोटाले बाजों ने बगैर विकास कार्य कराए शासकीय धन का आहरण किया था। मजे की बात तो यह है कि जेई आरईएस ने बगैर विकास कार्य कराए बगैर सत्यापन के ही एमबी भी लगा दी थी। हालांकि अभी और जांच होना बाकी है।बताते हैं कि रविवार को नगर पंचायत कलान में बैजनाथ गुप्ता के बराबर गली में इंटरलॉकिंग का काम चल रहा था । विकास कार्य कराए जाने की जानकारी जब अपर जिलाधिकारी प्रशासन शाहजहांपुर को लगी तो उन्होंने तत्काल उप जिलाधिकारी कलान रमेश बाबू को निर्देश दिए कि चल रहे विकास कार्य को अविलंब रुकवाया जाए। क्योंकि जब इस घोटाले की जांच चल रही है। तो अब ऐसे मे विकास कार्य कराना बेमानी है। फिर क्या था ?अपर जिलाधिकारी प्रशासन के आदेश पर कलान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विकास कार्य रुकवा दिया।पुलिस को देखते ही मिस्त्री एवं मजदूर भाग गए। वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गयी।विकास कार्य बैजनाथ गुप्ता की गली में प्रारंभ हुआ था।जबकि उस गली में केवल एक ही मकान है। यह भी नियम के विरुद्ध ही है। क्योंकि किसी एक व्यक्ति या व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए बड़ी शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया जा रहा था। जबकि शासन एवं प्रशासन की तरफ से विकास कार्य जनहित में कराए जाते हैं न कि किसी व्यक्ति विशेष के लिए।

जब कराए जा रहे विकास कार्यों के संबंध में निवर्तमान प्रधान पुत्र एवं वर्तमान ब्लॉक प्रमुख पति कलान राहुल वर्मा से बात की गई और उनसे पूछा गया कि चल रहा विकास कार्य कौन करवा रहा है और किस निधि से कराया जा रहा है।तो उन्होंने बताया कि  मुझे कराए जा रहे विकास कार्य से क्या मतलब और मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं इस संबंध में जेई आरईएस अर्जुन प्रसाद गुप्ता से बात की गई तो उनका भी नपा तुला एक ही जवाब था कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस पूरे मामले में कोई भीअधिकारी,कर्मचारी,

जनप्रतिनिधि कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। कराए जा रहे विकास कार्यों से यह प्रतीत होता है कि बगैर कार्य कराए ही  विकास कार्य का शासकीय धन आहरित कर लिया गया और अब जब जांच शुरू हो गई है तो सवाल यह है कि क्या जांच अधिकारी के कहने पर घोटालेबाज विकास कार्य करा रहे हैं ? कि जांच में लीपापोती व खानापूर्ति की जा रही है।इससे तो यही  प्रतीत हो रहा है। कुल मिलाकर अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि विकास कार्य किस की निधि से कराया जा रहा था? क्या कोई भावी चेयरमैन प्रत्याशी करवा रहा है?यह भी एक यक्ष प्रश्न है।

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