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सीतापुर ,एंबुलेंस में नवजात का रोना सुन, हर चेहरे पर दौड़ी मुस्कान.

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सीतापुर ,एंबुलेंस में नवजात का रोना सुन, हर चेहरे पर दौड़ी मुस्कान

- ईएमटी, पॉयलट व आशा ने कराया सुरक्षित प्रसव, जच्चा-बच्चा महिला अस्पताल में भर्ती 


सीतापुर, 4 सितंबर। सुबह के सात बजने में कुछ मिनट शेष हैं, इसी बीच एम्बुलेंस सेवा 102 के एक इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) के फोन की घंटी बजती है। नींद में अलसाए हुए वह फोन उठाते हैं, तो पता चला कि उन्हें एक गर्भवती को लेकर जिला चिकित्सालय आना है, वह अपने साथी एम्बुलेंस चालक (पॉयलट) से बात करते हैं, और बिना देरी किए एम्बुलेंस लेकर निकल पड़ते हैं। कुछ ही देर में एम्बुलेंस एलिया ब्लॉक के मलकानगर गांव में पहुंच जाती है। यहां प्रसव पीड़ा से कराह रही देवकी (35) को एम्बुलेंस में लिटाया जाता है। इसके बाद सायरन बजाती एम्बुलेंस जिला महिला चिकित्सालय की ओर सरपट भागने लगती है। इस एम्बुलेंस में आशा कार्यकर्ता के साथ ही देवकी के पति रविंद्र और परिवार की एक अन्य महिला भी सवार हो जाती है। 

एम्बुलेंस अभी कुछ ही दूरी तय कर पाती है, कि देवकी प्रसव पीड़ा से तड़प उठती है। उसकी स्थिति देखकर ईएमटी शोएब हसन साथी पॉयलट हरी शंकर से एम्बुलेंस को सड़क के किनारे खड़ी करने को कहते हैं। इसके बाद वह अपने अनुभवों का लाभ लेते हुए पॉयलट व आशा कार्यकर्ता बिट्टो देवी के साथ मिलकर एंबुलेंस में ही देवकी का सुरक्षित प्रसव कराते हैं। देवकी ने सुबह 7.44 बजे एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। जन्म के तुरंत बाद एम्बुलेंस में जैसे ही नवजात ने रोना शुरू किया, एम्बुलेंस में मौजूद इन तीनों के चेहरों पर मुस्कान दौड़ जाती है। एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराकर एक नवजात की जान बचाने और जच्चा और बच्चा को सुरक्षित जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराने पर ईएमटी, पॉयलट और आशा की पूरे स्वास्थ्य विभाग में प्रशंसा हो रही है। ईएमटी शोएब हसन का कहना है कि देवकी को बहुत तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी, ऐसे में यदि हम उसको लेकर अस्पताल तक ले जाते तो समय लगता और देर होने पर उसके साथ ही उसके बच्चे को भी जान का खतरा हो सकता था। इसलिए ट्रेनिंग में मिली जानकारी का उपयोग कर सुरक्षित प्रसव कराया। वह बताते हैं कि शुरूआत में महिला की स्थिति  देख कर लग रहा था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होगी। लेकिन हमने धैर्य से काम लिया और प्रशिक्षण में मिली जानकारी काम आई। आखिरकार हम सब एक सफल प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा की जान बचाने में सफल रहे। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला का कहना है कि ईएमटी शोएब हसन, पॉयलट हरी शंकर और आशा बिट्टो देवी को इस उल्लेखनीय कार्य के लिए शीघ्र ही सम्मानित किया जाएगा।

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