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बलुआ गांव में कोरोना संक्रमण गोरखपुर में भी स्वास्थ्य महकमा अलर्टa.

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बलुआ गांव में कोरोना संक्रमण गोरखपुर में भी स्वास्थ्य महकमा अलर्ट


बलुआ गांव का तहसील गोरखपुर में है, जबकि स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज जिले में


बलुआ के नजदीक के दो गांवों में लोगों की कोविड जांच करवायी गयी


गोरखपुर जिले में कोविड नियंत्रण में


*गोरखपुर, 12 जुलाई 2021*


महराजगंज जनपद के धानी स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले बलुआ गांव में कोरोना संक्रमण को देखते हुए गोरखपुर का स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट हो गया है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि यद्यपि गोरखपुर जिले में कोविड नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन फौरी कदम उठाए गये हैं । बलुआ गांव गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज तहसील में पड़ता है लेकिन वह महराजगंज जिले के धानी स्वास्थ्य केंद्र के अन्तर्गत आता है । इसलिए वहां स्वास्थ्य सेवा संबंधित कार्य महराजगंज जिले की टीम कर रही है । बलुआ गांव के नजदीक के दो गावों में गोरखपुर जिले का स्वास्थ्य महकमा कोविड की जांच करवा रहा है।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बलुआ गांव से भौगोलिक तौर पर दूर होने के बावजूद शिवपुर करमहा गांव और बसंतपुर गांव में लोगों की कोविड जांच कराई गयी। शिवपुर करमहा गांव में 48 लोगों को कोविड जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव पाई गयी। बसंतपुर गांव में भी लोगों की कोविड जांच करवाई जा रही है । जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी और सैंपलिंग प्रभारी डॉ. अनिल कुमार सिंह की देखरेख में वहां टेस्ट और सर्विलांस की गतिविधियां चल रही हैं । वहां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. भगवान प्रसाद को दिशा-निर्देशित किया गया है कि आसपास के सभी गांवों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अलर्ट पर रखा जाए । अगर किसी में भी बुखार, खांसी, जुकाम जैसे कोविड के लक्षण हैं तो उनकी जांच अवश्य कराई जाए ।


*जिले में 44 टीम कर रही हैं जांच*


सीएमओ डॉ. पांडेय ने बताया कि जिले में कुल 44 टीम कोविड जांच के लिए लगाई गयी हैं । प्रतिदिन 2000 एंटीजन और इतने ही आरटीपीसीआर जांच जिले भर में किये जा रहे हैं । बलुआ के कोविड संक्रमण के डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है । लोग कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें और टीके की दोनों डोज लगवा लें तो संक्रमण का खतरा समाप्त हो जाएगा । उन्होंने कहा कि मोहर्रम और रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है । मॉस्क के इस्तेमाल, हाथों की स्वच्छता और दो गज की दूरी के नियमों का सख्ती से पालन करना है ।


*फार्मूला 12 को रखें याद*

 

नाक और मुंह के जरिये बीमारी से बचाव के लिए घर से बाहर निकलें तो मॉस्क पहनें। टाइट फिटिंग मॉस्क होना चाहिए। नाक, मुंह और ढुड्डी तीनों मॉस्क मे होना चाहिए।

जहां तक संभव हो पाए दो गज दूरी के नियम का पालन करें। बाईक से चलते समय हेलमेट अवश्य पहनें और हेलमेट को सेनेटाइज कर लें।

हाथों के जरिये बीमारी न हो इसके लिए पहली बार हाथों को 40 सेकण्ड तक साबुन पानी से धोएं और इसके बाद आधे मिनट तक समय-समय पर धोते रहें। साबुन पानी न होने की स्थिति में 70 फीसदी से अधिक एल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर का हाथों की स्वच्छता के लिए इस्तेमाल करें। नाखून छोटे रखें। किसी भी व्यक्ति का कोई भी अंग स्पर्श करने के बाद हाथ धोना या सैनेटाइज करना आवश्यक है।

दो गज दूरी, मॉस्क के इस्तेमाल और हाथों की स्वच्छता तीनों चीजें साथ-साथ आवश्यक हैं।

आंखों के जरिये बीमारी से बचाव के लिए भीड़भाड़ में जाते समय फेसशील्ड लगाएं।

बालों के जरिये वायरस की चपेट में आने से बचने के लिए हेडकैप लगाएं। दाढ़ी छोटी रखें।

कपड़ों के जरिये वायरस न आए इसके लिए उन्हें घर के बाहर निकालें और नियमित धुलाई करें।

बेल्ट, पर्स, जूता, मोबाइल सेनेटाइज करते रहें और कलाई घड़ी व ज्वेलरी आदि से परहेज करें।

घर में बाहर से आने वाली हर सामग्री को सेनेटाइज करें और 24 घंटे के बाद इस्तेमाल करें।

बाहर के खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। घर में बनी पौष्टिक चीजें खाएं।

अस्पताल जाएं तो कोविड नियमों का सख्ती से पालन करें।

कोविड टीके की दोनों डोज अवश्य लगवाएं और उसके बाद भी कोविड नियमों का पालन जारी रखें।

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