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इटावा ,उत्सव के रूप में मनेगा मिशन शक्ति का तीसरा चरण.

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इटावा ,उत्सव के रूप में मनेगा मिशन शक्ति का तीसरा चरण


अगस्त से दिसंबर तक आयोजित होंगे विविध कार्यक्रम 


महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा, सम्मान,स्वाबलंबन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार-डीपीओ


इटावा, 9 अगस्त 2021।


प्रदेश में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन के लिए अगस्त से दिसंबर तक मिशन शक्ति का तीसरा चरण उत्सव के रूप में मनाया जाएगा | यह कहना है जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) सूरज सिंह का |  उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन व निगरानी में स्वाबलंबन कैंपों का आयोजन होगा । हर 15 दिन में इन कैंपों में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं और बच्चों की भागीदारी हो, इसके  लिए ग्राम प्रधानों की भी मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पति की मृत्यु के उपरांत पेंशन योजना, बाल सेवा योजना के लाभार्थी परिवारों को स्वाबलंबन कैंप तक पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।


महिला सुरक्षा के लिए अगस्त में रक्षा उत्सव मनाया जाएगा


मिशन शक्ति  के तहत अगस्त के तीसरे सप्ताह में रक्षा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों व महिलाओं को विभिन्न प्रकार की हिंसा से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा जो जन जागरूकता लाएगा । सितंबर  में बच्चों व महिलाओं की हिंसा से संबंधित विभिन्न कानूनों व अन्य प्रावधानों जिनमें कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन शोषण, घरेलू हिंसा, नशे में मारपीट, बलात्कार, यौन हमला, यौन शोषण, एसिड अटैक ,साइबर क्राइम आदि पर जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा ।


समाज में मेधावी छात्राओं व समाज में बदलाव लाने वाली महिलाओं को किया जाएगा सम्मानित


मिशन शक्ति के तीसरे चरण में नवंबर में अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस  पर मेधावी छात्राओं व जेंडर चैंपियन के सम्मान कार्यक्रम में जनपद की हाईस्कूल व इंटर की 10-10 मेधावी छात्राओं को  ₹5000 नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। समाज में बदलाव लाने वाली महिलाओं व बालिकाओं को भी सम्मानित किया जाएगा । उनकी कहानियों को जिला स्तर पर टीवी,रेडियो एफएम, समाचार पत्रों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।


11 अगस्त को ‘कन्या जन्मउत्सव’ का आयोजन


मिशन शक्ति के तीसरे चरण में कन्या जन्म उत्सव का आयोजन होगा, जिसके तहत किसी भी सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाली बालिकाओं के जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा और मां व  बेटी को उपहार प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही जनपद में जन्म लेने वाली बालिकाओं की संख्या के बराबर वृक्षारोपण कर बालकों व पुरुषों को उन वृक्षों का संरक्षण का दायित्व सौंपा जाएगा,  जो समाज में पुरुषों की सहभागिता को सुनिश्चित करता है।

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